भारत के पूर्वी और मध्य राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। IMD के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के चलते मौसम का मिजाज बदला है। इस मौसमी तंत्र का प्रभाव ओडिशा, CHHATTISGARH और ANDHRA PRADESH के तटीय इलाकों में विशेष रूप से देखने को मिलेगा, जहां भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। IMD के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने इस कम दबाव वाले क्षेत्र का असर वायुमंडल में 9.4 किमी की ऊंचाई तक है। इसके साथ ही, हरियाणा से लेकर उत्तर प्रदेश और झारखंड होते हुए बंगाल की खाड़ी तक एक 'ट्रफ' भी बनी हुई है, जो नमी खींचने का काम कर रही है। इस कारण वर्षा की सक्रियता बनी हुई है। बारिश की यह स्थिति केवल तटीय क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, झारखंड, केरल, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, विदर्भ, पश्चिम बंगाल और सिक्किम जैसे राज्यों में भी छिटपुट भारी बारिश की उम्मीद है। ओडिशा के कुछ इलाकों में बिजली कड़कने के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है। विशेष रूप से तटीय ANDHRA PRADESH के क्षेत्रों में 50-60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। ध्यान देने योग्य है कि पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है, जबकि ओडिशा, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी अच्छी वर्षा हुई है। आगामी दिनों में भी यह मौसमी गतिविधियां जारी रहने के आसार हैं।