सितंबर की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में मानसून ने फिर से जोर पकड़ लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के 21 राज्यों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड की चेतावनी भी जारी की है।
इस बदलते मौसम के पीछे का मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रणाली अगले 48 घंटों में उत्तर ओडिशा और झारखंड से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ेगी। इसके प्रभाव से पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ बिहार, ओडिशा, झारखंड और गंगा के मैदानी इलाकों में कहीं-कहीं भारी तो कहीं बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं।
उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 7 सितंबर के बीच झमाझम बारिश देखने को मिल सकती है। इस दौरान तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य राज्यों की बात करें तो हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। केंद्रीय और पूर्वी भारत के राज्यों में भी व्यापक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग की मानें तो जहां देश के अन्य हिस्सों में बारिश के अलर्ट हैं, वहीं दक्षिण भारत में अगले एक सप्ताह के दौरान बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है। हालांकि, केरल, तटीय कर्नाटक और लक्षद्वीप में कुछ दिनों तक व्यापक बारिश हो सकती है। प्रशासन ने सभी संबंधित राज्यों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।