संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस इस महीने के अंत में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह महत्वपूर्ण आयोजन 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में होगा। इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत कर रहा है, और गुटेरेस की उपस्थिति इस शिखर सम्मेलन के महत्व को और अधिक बढ़ाएगी, विशेषकर ऐसे समय में जब यह समूह अपनी स्थापना की 20वीं वर्षगांठ मना रहा है।
शिखर सम्मेलन की तैयारियों के बारे में जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह आयोजन ब्रिक्स सदस्य देशों, सहयोगी देशों और आमंत्रित अतिथियों के नेताओं को एक मंच पर लाएगा। भारत की अध्यक्षता का मुख्य विषय 'बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी' रखा गया है। इस सम्मेलन की सफलता के लिए पिछले कुछ समय में भारत के 25 से अधिक शहरों में 350 से ज्यादा बैठकें और उच्च-स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। ये प्रयास राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक, वित्तीय और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित रहे हैं।
भारत ब्रिक्स का एक संस्थापक सदस्य है और इससे पहले 2012, 2016 तथा 2021 में भी अध्यक्षता कर चुका है। 1 जनवरी 2026 को भारत ने चौथी बार यह जिम्मेदारी संभाली है। शिखर सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों के नेताओं के अलावा विभिन्न वैश्विक हस्तियों की मौजूदगी कूटनीतिक दृष्टिकोण से काफी अहम मानी जा रही है।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उनकी भागीदारी के संकेत दिए। गुटेरेस का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक स्तर पर कई महत्वपूर्ण राजनयिक बैठकें चल रही हैं। गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव इसी साल फरवरी में 'इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026' में भाग लेने के लिए भारत आए थे। नई दिल्ली में होने वाला यह आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन व्यावहारिक और विकास-उन्मुख परिणामों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। सभी सदस्य देशों की निगाहें अब 12 और 13 सितंबर को होने वाली इस बैठक पर टिकी हैं, जहां वैश्विक सहयोग और भविष्य की रणनीतियों पर गहन चर्चा की जाएगी।