आखिरी समाचार अपडेट का समय 3:52 AM
📅
⚡ ब्रेकिंग
होमराष्ट्रीय › ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: वैश्विक अर्थव्यवस्था में जी7…

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: वैश्विक अर्थव्यवस्था में जी7 से आगे निकला समूह

🇮🇳 राष्ट्रीय 📅 3 सितम्बर 2026 · By BolHind Bureau
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: वैश्विक अर्थव्यवस्था में जी7 से आगे निकला समूह
Photo by BolHind Team via Wi.Coms. / by-nd 2.0

भारत 12 और 13 सितंबर को दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। ब्रिक्स देशों का समूह आर्थिक रूप से पश्चिमी देशों के जी7 समूह से बड़ा हो गया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अप्रैल 2026 के आंकड़ों के अनुसार, ब्रिक्स देशों का कुल उत्पादन क्रय शक्ति समानता (पर्चेजिंग पावर पैरिटी) के आधार पर 88 ट्रिलियन डॉलर है, जबकि जी7 का कुल उत्पादन 62 ट्रिलियन डॉलर पर है।

वर्ष 2006 में अपनी स्थापना के 20 साल बाद अब यह संगठन 10 सदस्य देशों का एक बड़ा मंच बन चुका है। हाल के दिनों में ऊर्जा व्यापार के मोर्चे पर बड़े बदलाव देखे गए हैं। वाणिज्यिक आसूचना और सांख्यिकी महानिदेशालय के आंकड़ों के मुताबिक, भारत द्वारा आयातित कुल पेट्रोलियम में रूस की हिस्सेदारी अब काफी अधिक है। पिछले तीन महीनों में रूस ने सऊदी अरब, इराक, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, कतर, ईरान और बहरीन के संयुक्त निर्यात से भी अधिक कच्चा तेल भारत को आपूर्ति किया है। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने रूसी कच्चे तेल और उत्पादों पर लगभग 3.7 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

इस शिखर सम्मेलन के एजेंडे में डी-डॉलरइजेशन, वैश्विक शासन के स्वरूप और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष जैसे मुद्दे शामिल हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पहले ही स्पष्ट किया है कि समुद्री यातायात और ऊर्जा बुनियादी ढांचे में आ रही बाधाएं वैश्विक आर्थिक स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय हैं। वर्तमान में सम्मेलन के दौरान दो प्रमुख आर्थिक बिंदुओं पर चर्चा होने की संभावना है: ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच कच्चे तेल के व्यापार के लिए मूल्य सीमा तय करना और रूसी तेल के भुगतान के लिए रुपये का उपयोग बढ़ाना। यदि ये दोनों पहलें सफल होती हैं, तो ब्रिक्स के लिए यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।

शेयर करें:

🇮🇳 देश की सभी बड़ी खबरें →
और खबरें लोड हो रही हैं…
— पिछले 3 दिनों की सभी खबरें दिखाई जा चुकी हैं —