सितंबर की शुरुआत के साथ ही मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट ले रहा है। बंगाल की खाड़ी से उठने वाली नमी वाली हवाओं ने एक नया मौसमी तंत्र तैयार कर दिया है, जिसकी वजह से देश के 19 राज्यों में बारिश और आंधी का दौर शुरू होने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने इसे लेकर एक विस्तृत चेतावनी जारी की है।
इस नए सिस्टम का असर उत्तर प्रदेश में भी व्यापक स्तर पर दिखने वाला है। राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग की मानें तो गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद और गौतमबुद्ध नगर जैसे जिलों में आंधी के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा रायबरेली, हरदोई, उन्नाव, इटावा, हमीरपुर, अमेठी, सुल्तानपुर, आजमगढ़, अयोध्या, गोरखपुर और देवरिया में भी मौसम खराब रह सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश के पास बनने वाला साइक्लोनिक सर्कुलेशन मौसम को अधिक प्रभावित कर सकता है। राजधानी लखनऊ में तापमान में भी बदलाव देखा जा रहा है, जहां अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
केवल उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि दिल्ली में भी मौसम विभाग ने भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। राजधानी में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। वहीं, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड में भी इसी सिस्टम के चलते गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा जताया गया है। बंगाल के विभिन्न इलाकों में तो हवाओं की गति 55-60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। अगले कुछ दिनों तक दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना बनी हुई है।