प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग की मृत्यु के मामले में अदालत की कार्यवाही आगे बढ़ रही है। इस मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत परीक्षित शर्मा ने फास्ट-ट्रैक अदालत में अपना बयान दर्ज कराया है। परीक्षित शर्मा उन लोगों में शामिल थे जो 19 सितंबर, 2025 को सिंगापुर में उस याट पर मौजूद थे, जहाँ यह दुखद घटना हुई थी।
अदालत में दर्ज कराया गया यह बयान कानूनी प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है। परीक्षित शर्मा उस संगठन से जुड़े असमिया सदस्य हैं, जो घटना के समय मौके पर उपस्थित थे। उनके इस गवाही से उन परिस्थितियों पर प्रकाश पड़ने की उम्मीद है जो उस दिन याट पर घटी थीं। अदालत में चल रहे इस मुकदमे के दौरान उनके द्वारा दी गई जानकारी को साक्ष्य के तौर पर परखा जाएगा।
इस मामले में पहले ही एक विशेष फास्ट-ट्रैक अदालत ने सात आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। आरोपियों में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के मुख्य आयोजक श्यामकानु महंत, जुबीन गर्ग के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, बैंड के सदस्य शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृत प्रभा महंत, गायक के चचेरे भाई और असम पुलिस के डीएसपी संदीपन गर्ग, तथा निजी सुरक्षा अधिकारी नदेश्वर बोरा और प्रबीन बैश्य शामिल हैं।
आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या, गैर-इरादतन हत्या, आपराधिक साजिश और लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया गया है। इन सभी ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इन आरोपियों पर अलग-अलग धाराओं के तहत आरोप हैं।
गौरतलब है कि 52 वर्षीय जुबीन गर्ग की मृत्यु पिछले वर्ष 19 सितंबर को सिंगापुर में लाजरस द्वीप के पास तैरते समय हुई थी। वे वहां नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के चौथे संस्करण में भाग लेने गए थे। उनकी मृत्यु के बाद असम में गहरा शोक व्याप्त हो गया था और इस मामले में 60 से अधिक प्राथमिकी दर्ज होने के बाद असम पुलिस की सीआईडी टीम ने जांच की थी। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे हत्या का मामला बताया था, जबकि सिंगापुर पुलिस और वहां की कोरोनर कोर्ट को कोई संदेहास्पद साक्ष्य नहीं मिला था। कोर्ट की जांच ने निष्कर्ष दिया था कि गायक अत्यधिक नशे की स्थिति में थे और लाइफ जैकेट लेने से इनकार करने के बाद डूब गए। अब गवाहों के परीक्षण के साथ अदालत इस मामले की सुनवाई जारी रखे हुए है।