वाराणसी में गंगा का जलस्तर फिलहाल थम गया है। बुधवार सुबह 8 बजे जलस्तर स्थिर होने के बाद इसमें मामूली गिरावट दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, रात 8 बजे तक जलस्तर 60.92 मीटर पर बना हुआ था। पिछले 12 घंटों के दौरान इसमें 5 सेंटीमीटर की कमी देखी गई है। हालांकि, जलस्तर में जारी धीमी गिरावट को देखते हुए प्रशासन ने अगले 24 घंटों तक स्थिति पर नजर बनाए रखने का निर्णय लिया है।
इस जलस्तर की तुलना में पिछले वर्ष 22 जुलाई को गंगा का जलस्तर 69.44 मीटर था, जो इस बार के मुकाबले लगभग 9 मीटर अधिक था। जिले में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर और खतरे का निशान 71.262 मीटर पर निर्धारित है। सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने गंगा घाटों और नदी के तटीय इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कलक्ट्रेट में एक आपदा कंट्रोल रूम भी सक्रिय किया गया है, जिसका नंबर 9140037137 है।
बाढ़ का असर चिरईगांव ब्लॉक के मोकलपुर गांव में देखने को मिल रहा है। गांव के मुख्य रास्ते पर बाढ़ का पानी भर जाने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हुआ है। इस मार्ग के बाधित होने से रमचंदीपुर, गोबरहां और रामपुर मोकलपुर समेत आसपास के गांवों की करीब 40 हजार की आबादी के सामने जाल्हूपुर आने-जाने का संकट खड़ा हो गया है। लोगों को अब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ रहा है। इसके अलावा, मोकलपुर स्थित इंटर कॉलेज जाने वाले अम्बा, कुकुढ़ा और छितौनी जैसे गांवों के छात्र-छात्राओं के लिए भी स्कूल पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि कटान और पानी के बहाव वाली संवेदनशील जगहों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि ग्रामीणों को हर संभव मदद मिल सके।