रेल यात्रियों को अपना शिकार बनाकर उन्हें नशीली चाय पिलाने वाले एक सक्रिय दंपति को पुलिस ने दबोच लिया है। राजकीय रेलवे पुलिस, कैंट ने रविवार को बनारस स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार के पास से इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की प्राथमिक जांच और पूछताछ में सामने आया है कि ये आरोपी लंबे समय से रेलयात्रियों को झांसा देकर उन्हें लूटने का काम कर रहे थे।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान रामदयाल मिश्रा और ज्योति के रूप में हुई है, जो मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के भोरकला के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने इनके पास से 60 गोली नशीली दवा (एटिवैन), मोबाइल फोन, 3180 रुपये नकद और एक पीड़ित रेलयात्री का आधार कार्ड बरामद किया है। इंस्पेक्टर के अनुसार, यह गिरोह यात्रियों से घुल-मिलकर उन्हें बातों में फंसाते थे और फिर चाय में नशीली दवा मिलाकर पिला देते थे। यात्री के अचेत हो जाने के बाद, वे उसका कीमती सामान और नकदी लेकर फरार हो जाते थे।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह न केवल लूटपाट करता था बल्कि लूटे गए सोने-चांदी के जेवरात को औराई (भदोही) के एक सर्राफ को बेच देता था। जांच में यह भी सामने आया है कि पिछले महीने प्रतापगढ़ पैसेंजर ट्रेन में छत्तीसगढ़ की एक महिला यात्री को भी इन्होंने इसी तरह शिकार बनाया था। उस घटना के बाद पीड़ित की सूचना पर चौखंडी स्टेशन पर पीड़िता को उतारा गया था।
पुलिस की टीम ने इस मामले का खुलासा करने के लिए स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और सर्विलांस का सहारा लिया, जिसके बाद इन दोनों का सुराग मिल सका। गिरफ्तारी करने वाली टीम में इंस्पेक्टर देवचंद्र यादव, सर्विलांस प्रभारी राधामोहन द्विवेदी, बनारस जीआरपी चौकी प्रभारी अशोक कुमार ओझा और आरपीएफ के जवान शामिल रहे। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और इनके अन्य साथियों व सर्राफ की संलिप्तता का भी पता लगाया जा रहा है।