रक्षाबंधन के पावन पर्व पर वाराणसी में रचनात्मकता और स्नेह का एक अनूठा संगम देखने को मिला। भारत चेतना ट्रस्ट द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपने हाथों से सुंदर राखियां तैयार कीं। यह आयोजन केवल त्योहार मनाने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से भाई-बहन के प्रेम और आपसी विश्वास के महत्व को भी बच्चों तक पहुंचाया गया।
इस दौरान काशी हिंदू विश्वविद्यालय की प्रोफेसर प्रियंका की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। उन्होंने बच्चों के बीच पहुंचकर न केवल उनका उत्साहवर्धन किया, बल्कि उनका मार्गदर्शन भी किया। प्रोफेसर प्रियंका की मौजूदगी बच्चों के लिए काफी प्रेरणादायी रही।
संस्था के अनुसार, उनका मुख्य उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी शिक्षा देना नहीं है। इसके बजाय, वे बच्चों में संस्कार, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सामाजिक चेतना का संचार करना चाहते हैं। इस तरह के आयोजनों का लक्ष्य बच्चों को एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करना है, ताकि वे अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े रह सकें। कार्यक्रम में शामिल बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और स्वयं के द्वारा बनाई गई राखियों को लेकर वे काफी उत्साहित दिखे।