वाराणसी के हरहुआ विकास क्षेत्र में स्थित कोईराजपुर गांव को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग इस समय अपनी बदहाली के आंसू रो रहा है। वाराणसी-बाबतपुर मार्ग से जुड़ने वाला यह रास्ता ग्रामीणों के लिए आवागमन का एकमात्र मुख्य जरिया है, लेकिन रखरखाव के अभाव में अब यह गड्ढों की चपेट में है। सड़क पर बने बड़े गड्ढों में बारिश का पानी जमा हो जाने के कारण यहां से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है।
इस मार्ग पर एक प्राथमिक विद्यालय और एक इंग्लिश मीडियम स्कूल संचालित है, जहां दर्जनों बच्चे प्रतिदिन शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। सड़क की दुर्दशा का सबसे अधिक खामियाजा इन्हीं मासूम छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। बारिश के कारण गड्ढों में भरे गंदे पानी से होकर गुजरते हुए बच्चों की ड्रेस खराब हो जाती है, जिसके चलते उन्हें कई बार स्कूल से वापस घर लौटना पड़ता है। इसके अलावा, दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी यह रास्ता जानलेवा साबित हो रहा है, जहां गड्ढों की गहराई का अंदाजा न होने के कारण अक्सर बाइक और साइकिल सवार असंतुलित होकर गिर जाते हैं।
स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी परेशानी को खुद हल करने की कोशिश की थी। अजय सिंह, प्यारे यादव, जयप्रकाश पांण्डेय, गोपाल यादव, राजेंद्र केसरी और पिंटू पांडेय समेत कई लोगों ने मिलकर ईंट और गिट्टी से गड्ढों को भरने का प्रयास किया, लेकिन लगातार होती बारिश ने उनके किए-कराए पर पानी फेर दिया और गड्ढे दोबारा उभर आए।
बता दें कि यह मार्ग रिंग रोड फेज-2 के साथ-साथ कोरौत, मंगलपुर, अकेलवा, गंगापुर और मोहनसराय होकर प्रयागराज जाने वाले रास्ते से भी जुड़ता है। भारी वाहनों और स्थानीय लोगों की आवाजाही के कारण यहां भीड़ बनी रहती है, जिससे हादसे की आशंका हमेशा बनी रहती है। अब ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से इस मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने और उचित जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।