अयोध्या के राम मंदिर में मिले दान की राशि और कीमती वस्तुओं के कथित गबन व चोरी के मामले में कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है। इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार 2 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की बेंच द्वारा की जा रही है, जहां दान के पैसों के दुरुपयोग के आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर विचार किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने पहले ही उत्तर प्रदेश प्रशासन को जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि SIT द्वारा जांच की एक स्टेटस रिपोर्ट पहले ही सौंपी जा चुकी है, जिसका अवलोकन बेंच द्वारा सुनवाई के दौरान किया गया। सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को स्पष्ट किया कि मामले में पहली गिरफ्तारी की तारीख से 90 दिनों की वैधानिक अवधि 25 सितंबर को समाप्त हो रही है। यदि इस निर्धारित समय-सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं की जाती है, तो आरोपी कानून के तहत डिफॉल्ट जमानत के हकदार हो सकते हैं। इसे देखते हुए जांच पूरी करने के लिए प्रशासनिक प्रयास तेज कर दिए गए हैं। गौरतलब है कि इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने आरोपों की तह तक जाने के लिए एक SIT का गठन किया था। यह जांच मुख्य रूप से मंदिर में आने वाले दान, उसकी सुरक्षा, प्रबंधन और लेखा-जोखा के इर्द-गिर्द केंद्रित है। सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट किया है कि पूरी जांच को तार्किक निष्कर्ष तक जल्द से जल्द पहुँचाया जाना चाहिए। इस पूरे प्रकरण में याचिकाओं के माध्यम से कोर्ट-निगरानी में जांच और CBI जांच की मांग भी उठाई गई थी। अब सबकी नजरें आगामी 2 दिनों पर टिकी हैं, जब उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चार्जशीट दाखिल की जाएगी।