उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान BJP के MP रवि किशन ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव की जाति आधारित राजनीति का मतदाताओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने विपक्षी नेताओं द्वारा ब्राह्मण और OBC समुदायों को रिझाने की कोशिशों को महज एक चुनावी दांव बताया।
रवि किशन ने अपने संबोधन में 'P' अक्षर के इस्तेमाल पर तंज कसते हुए स्पष्ट किया कि राजनीतिक शब्दावली में 'P' का अर्थ 'Pandit' नहीं, बल्कि 'parivarvaad' है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्राह्मण समुदाय को केवल एक वोट बैंक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि यह समुदाय अपना राजनीतिक निर्णय स्वयं लेने में सक्षम है।
BJP के भविष्य के दृष्टिकोण पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी का मुख्य फोकस केवल संगठन को मजबूत करने और विकास के एजेंडे को लेकर जनता के बीच जाने पर है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल निराशा के चलते भ्रामक बयानों और AI जनित वीडियो का सहारा ले रहे हैं, जिसका जनता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। साथ ही, उन्होंने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी द्वारा हाल ही में हिंदुओं को लेकर की गई टिप्पणियों की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर रहे व्यक्तियों को अपने बयानों के प्रति सावधान रहना चाहिए, क्योंकि ऐसी बातें सार्वजनिक निराशा का कारण बनती हैं।
रवि किशन ने विश्वास जताया कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में विपक्षी दलों को हार का सामना करना पड़ेगा और BJP अपने 2017 के प्रदर्शन के रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि पार्टी की पूरी मशीनरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास कार्यों के आधार पर चुनाव की तैयारी कर रही है, और जनता विपक्षी दलों के चुनावी गणनाओं और जातिवादी राजनीति को अच्छी तरह समझ चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि दिवंगत व्यक्तियों के परिजनों के बारे में की गई अपमानजनक टिप्पणियां कांग्रेस की घटती साख का प्रमाण हैं।