मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश ने लखनऊ की यातायात व्यवस्था की कमर तोड़ दी। शहर के मुख्य मार्गों पर जलभराव और वाहनों के भारी दबाव के कारण दिनभर जाम का आलम रहा। हजरतगंज, अशोक मार्ग, सिकंदरबाग, विधानभवन मार्ग, कैसरबाग, चारबाग, बर्लिंगटन चौराहा और नाका हिंडोला जैसे प्रमुख इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। स्थिति इतनी विकट थी कि रेंगते हुए वाहनों के कारण राहगीरों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में घंटों का समय लग गया।
ट्रैफिक से बचने के लिए बड़ी संख्या में वाहन चालकों ने मोहल्लों और गलियों का रुख किया, लेकिन वहां भी जगह की कमी के कारण जाम लग गया। हजरतगंज के पास नरही की गलियों में दोपहिया वाहनों के साथ ही ई-रिक्शा और ऑटो भी घुस गए, जिससे वहां की संकरी सड़कें पूरी तरह जाम हो गईं। गोमती नगर का इलाका भी इससे अछूता नहीं रहा; विभूतिखंड, लोहिया पथ, पॉलीटेक्निक, कमता, आलमबाग, निशातगंज और महानगर की सड़कों पर भी लंबा जाम लगा रहा।
यातायात का भारी दबाव फ्लाईओवर और पुलों पर भी साफ नजर आया। पॉलीटेक्निक से लोहिया चौराहे तक और मुंशीपुलिया फ्लाईओवर पर वाहन रेंगते हुए चलते रहे। वहीं, निशातगंज पुल पर ग्रीन कॉरिडोर के कारण बढ़े ट्रैफिक ने समस्या को और बढ़ा दिया। दिनभर कार्यालयों से लौटने वाले कर्मचारी और अन्य नागरिक जाम के कारण परेशान होते रहे। यातायात पुलिसकर्मी लगातार प्रमुख चौराहों पर तैनात रहकर वाहनों को नियंत्रित करने का प्रयास करते रहे, लेकिन बारिश और सड़कों पर भरे पानी के चलते व्यवस्था को सामान्य होने में लंबा समय लगा। शहर के निवासियों के लिए मंगलवार का दिन यातायात के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।