लखनऊ के कृष्णा नगर स्थित सराफा पुलिस चौकी के पास गाड़ी हटाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि कबाब-पराठे का ठेला लगाने वाले लकी और उसके साथियों ने अमित वर्मा नाम के युवक पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले की यह पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों की संख्या अधिक होने के कारण अमित के साथी डरकर मौके से भाग गए थे। जब वे वापस लौटे, तो अमित गंभीर रूप से घायल और मरणासन्न हालत में जमीन पर पड़ा मिला। उसे तत्काल लोकबंधु अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है।
इस मामले में पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित अमित वर्मा का आरोप है कि घटना के बाद जब वह सराफा पुलिस चौकी पहुंचा, तो चौकी इंचार्ज शिशुपाल सिंह ने उसकी तहरीर दर्ज करने के बजाय उससे सादे कागज पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। पीड़ित का यह भी आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के बजाय केवल शांतिभंग की मामूली कार्रवाई कर इतिश्री कर ली।
फिलहाल, पुलिस की इस कार्यशैली को लेकर स्थानीय स्तर पर काफी नाराजगी है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।