आगरा जिले में गैस उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करना अब बेहद जरूरी हो गया है। प्रशासन और तेल कंपनियों की ओर से दी गई समयसीमा सोमवार को समाप्त हो गई है, जिसके बाद भी जिले के एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने अपनी ई-केवाईसी नहीं कराई है। इस लापरवाही के कारण अब संबंधित उपभोक्ताओं की गैस सिलिंडर बुकिंग सेवाएं रुकने का खतरा पैदा हो गया है।
सरकार का उद्देश्य एलपीजी वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकना है। बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि सब्सिडी का लाभ केवल पात्र और सही व्यक्ति तक ही पहुंचे। अब तक अपनी प्रक्रिया पूरी न करने वाले उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर की बुकिंग में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, साथ ही उन्हें मिलने वाली सरकारी सब्सिडी पर भी असर पड़ सकता है। यह स्थिति उन निम्न-आय वर्ग के परिवारों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो सकती है, जो सब्सिडी पर काफी हद तक निर्भर हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार ने इस विषय पर चिंता जताते हुए कहा कि बार-बार चेतावनी और समयसीमा बढ़ाए जाने के बाद भी एक बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपने बायोमेट्रिक सत्यापन के कार्य को पूरा नहीं किया है। विभाग की ओर से अब सख्त कदम उठाए जाने की तैयारी है, और मंगलवार को प्राप्त होने वाले नए निर्देशों के अनुरूप ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।
ऐसे में जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है, उन्हें तुरंत अपने नजदीकी एलपीजी वितरक के कार्यालय से संपर्क करना चाहिए। वहां जाकर वे आवश्यक दस्तावेजों और बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। समय रहते यह काम न करने पर न केवल गैस बुकिंग में दिक्कत आएगी, बल्कि सब्सिडी से वंचित रहने का जोखिम भी बना रहेगा। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया को जल्द से जल्द प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें।