उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी का मुख्य लक्ष्य संगठन की कार्यप्रणाली को धार देना और योगी आदित्यनाथ सरकार के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना है। इस दिशा में भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व लगातार माइक्रो-मैनेजमेंट और चुनावी रणनीति पर काम कर रहा है।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े इन दिनों लखनऊ में मौजूद हैं। वे जमीनी स्तर पर बूथ प्रबंधन और संगठनात्मक अनुशासन को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। भाजपा सूत्रों के अनुसार, आने वाले समय में पार्टी सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं को सीधे जनता तक पहुंचाने और विपक्ष द्वारा बनाए जा रहे नैरेटिव का सटीक जवाब देने की रणनीति पर काम करेगी।
संगठन के स्तर पर कामकाज को बेहतर बनाने के लिए कई स्तरों पर समीक्षा की जा रही है। प्रदेश में पार्टी के कार्यक्रमों और चुनाव प्रचार में कोई भी चूक न हो, इसके लिए नेतृत्व ने 'बिना किसी गलती के काम करने' का स्पष्ट संदेश दिया है। बीएल संतोष भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह के साथ बैठकें कर रहे हैं, ताकि राज्य सरकार और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
पार्टी के भीतर जिम्मेदारी तय करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें स्थानीय पदाधिकारियों के प्रदर्शन का आकलन करने और उन्हें कड़े लक्ष्य देने की तैयारी है। पार्टी का मानना है कि बूथ-स्तर पर मजबूती ही आगामी चुनाव में जीत की असली नींव साबित होगी। इस दिशा में जल्द ही और भी महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की उम्मीद है। न्यूज-18 की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े का आगामी दिनों में बूथ स्तरीय तैयारियों का जायजा लेने का कार्यक्रम है, जो चुनावी तैयारी के नजरिए से काफी अहम माना जा रहा है। भाजपा का पूरा ध्यान संगठन की कमियों को दूर करने और एक ठोस चुनावी प्लान तैयार करने पर केंद्रित है।