दिल्ली में हुए दर्दनाक हादसे के बाद अब लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी LDA ने अपनी कॉलोनियों की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। राजधानी में 25 साल से अधिक पुरानी और जर्जर हो चुकी इमारतों का अब सेफ्टी ऑडिट कराया जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित अनहोनी को समय रहते रोकना है।
LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस दिशा में स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। इस अभियान के तहत गोमतीनगर, अलीगंज, जानकीपुरम, कानपुर रोड, शारदा नगर, महानगर और आशियाना जैसी सभी प्रमुख योजनाओं को कवर किया जाएगा। सर्वे की प्रक्रिया के लिए सभी 7 जोनों के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। हर जोन के अधिकारियों को कम से कम 20-20 पुरानी इमारतों को सूचीबद्ध करने का लक्ष्य दिया गया है।
सर्वे के बाद इन चुनिंदा भवनों का स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा। यदि जांच में ढांचा कमजोर पाया जाता है, तो संबंधित भवन स्वामी को नोटिस जारी किया जाएगा। इसके तहत उन्हें तय समय के भीतर मरम्मत करानी होगी या फिर स्वयं ही भवन को ध्वस्त करना होगा। यदि नियमों का पालन नहीं किया जाता, तो LDA के पास ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने का अधिकार होगा।
गौरतलब है कि अलीगंज में आवासीय भू-उपयोग वाली जमीन पर व्यावसायिक निर्माणों को लेकर भी सरगर्मी तेज है। रिपोर्ट के अनुसार, वहां 51 ऐसे निर्माणों की पहचान की गई थी। इनमें से 39 भवन स्वामियों ने शमन यानी कंपाउंडिंग के लिए आवेदन किया है, जबकि 17 ने शमन शुल्क भी जमा कर दिया है। इन मामलों में सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई चल रही है, जहां 22 जून को हुई एक घटना के बाद से लगातार निगरानी की जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए LDA की टीम पक्ष रखने के लिए दिल्ली पहुँच गई है। यह सर्वे न केवल पुरानी इमारतों की मजबूती को परखेगा, बल्कि शहर में अवैध और असुरक्षित निर्माणों पर भी लगाम लगाने का काम करेगा।