उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के खाद्य सुरक्षा अधिनियम यानी NFSA के तहत राशन वितरण को लेकर सितंबर 2026 के लिए आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश भर के राशन कार्डधारकों को अनाज प्राप्त करने के लिए 10 सितंबर से 25 सितंबर तक की समय-सीमा निर्धारित की गई है। सरकार द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इस अवधि में पात्र लाभार्थी अपने नजदीकी सरकारी उचित दर की दुकानों पर जाकर अपना राशन प्राप्त कर सकेंगे। अंत्योदय यानी AAY कार्डधारकों को इस बार प्रति कार्ड 35 किलो खाद्यान्न दिया जा रहा है, जिसमें 10 किलो गेहूं और 25 किलो फोर्टिफाइड चावल की मात्रा शामिल है। इसके अलावा, अंत्योदय लाभार्थियों को तीन महीनों के लिए कुल 3 किलो रियायती चीनी भी 18 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, पात्र गृहस्थी यानी PHH कार्डधारकों को प्रति यूनिट 5 किलो राशन मिल रहा है, जिसमें गेहूं, फोर्टिफाइड चावल और पौष्टिक बाजरा शामिल है। खाद्य एवं रसद विभाग ने राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए सॉफ्टवेयर में 'मेरिट सिस्टम' लागू किया है। इस नई व्यवस्था के तहत यदि किसी ब्लॉक या जिले का राशन कोटा पूर्ण भी हो चुका हो, तब भी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंद परिवारों के नए कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनाए जा सकेंगे। प्रदेश सरकार लगभग 47 लाख से 56 लाख नए परिवारों को इस योजना से जोड़ने की प्रक्रिया में जुटी है, जिसके लिए पात्रता जांच अभियान चलाया जा रहा है। राशन व्यवस्था में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए आधार ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो लाभार्थी पिछले 6 महीनों से राशन नहीं ले रहे हैं, उनके कार्डों को 'साइलेंट श्रेणी' में डालकर निष्क्रिय किया जा रहा है। समय पर ई-केवाईसी न कराने वाले कार्डधारकों का राशन कार्ड स्थायी रूप से रद्द भी किया जा सकता है। नागरिक अपनी पात्रता की स्थिति की जांच आधिकारिक पोर्टल fcs.up.gov.in पर कर सकते हैं। इसके साथ ही, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए राशन उनके घर तक पहुंचाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है ताकि उन्हें दुकान तक आने की परेशानी न हो।