आगरा में सड़क की खराब स्थिति के चलते एक नवजात शिशु की जान चली गई। मामला 2 सितंबर का है, जब प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला को अस्पताल ले जा रही सरकारी एम्बुलेंस रास्ते में गहरे गड्ढे में फंस गई। एम्बुलेंस करीब 2 घंटे तक वहीं फंसी रही, जिससे अस्पताल पहुंचने में भारी देरी हुई।
परिजनों के अनुसार, सड़क की बदहाली के कारण एम्बुलेंस आगे बढ़ने में पूरी तरह असमर्थ हो गई थी। वाहन को बाहर निकालने के लिए ग्रामीणों को मदद करनी पड़ी और उसे ट्रैक्टर से खींचकर बाहर निकाला गया। जब तक महिला अस्पताल पहुंची, तब तक गर्भ में ही नवजात की मृत्यु हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने अधिकारियों से सड़क की बदतर स्थिति के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। मामले की शिकायत 5 सितंबर को तहसील दिवस के दौरान उप-जिलाधिकारी विनोद कुमार को सौंपी गई। उन्होंने बताया कि शिकायत को लोक निर्माण विभाग को भेज दिया गया है और विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इस दुखद घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। भाजपा के खिलाफ तीखे तेवर अपनाते हुए विपक्षी नेता ने भ्रष्टाचार को इस मौत का कारण बताया है। फिलहाल, प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच की जा रही है।