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लखनऊ के सिविल अस्पताल में शुरू हुईं सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी सेवाएं

🗺️ उत्तर प्रदेश 📅 11 सितम्बर 2026 · By BolHind Bureau
लखनऊ के सिविल अस्पताल में शुरू हुईं सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी सेवाएं
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लखनऊ के श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल में अब मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों के चक्कर काटने की मजबूरी से राहत मिलेगी। अस्पताल में न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी और नेफ्रोलॉजी की सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी सेवाओं की शुरुआत हो गई है, जिससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बड़ी सुविधा मिली है।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की पहल पर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के सहयोग से यह नई व्यवस्था लागू की गई है। इस समझौते के तहत लोहिया संस्थान के विशेषज्ञ चिकित्सक अब सप्ताह में एक दिन सिविल अस्पताल में उपस्थित रहकर मरीजों को परामर्श और उपचार प्रदान करेंगे। अस्पताल में नई स्ट्रोक यूनिट, न्यूरोसर्जरी वार्ड और आधुनिक ऑपरेशन थिएटर का भी शुभारंभ किया गया है। इन सुविधाओं के जुड़ने से अब न्यूरो, हृदय और किडनी से संबंधित जटिल रोगों के इलाज के लिए मरीजों को केजीएमयू, पीजीआई या लोहिया संस्थान जैसे संस्थानों की लंबी प्रतीक्षा सूची का सामना नहीं करना पड़ेगा।

इन सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए मरीजों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। यह कदम राजधानी के साथ-साथ आसपास के जिलों से आने वाले हजारों मरीजों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगा। सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने के क्रम में भविष्य में इस मॉडल को अन्य अस्पतालों में भी विस्तार देने की योजना है। इस दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

दिलचस्प बात यह है कि इसी अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार हो रहे बदलावों के बीच, राज्य के अन्य हिस्सों से ऐतिहासिक खोजों की खबरें भी चर्चा में हैं। जैसे हाल ही में मांडी में 4500 साल पुरानी 3000 स्वर्ण मुद्राएं मिली हैं, जो गंगा घाटी सभ्यता के गौरवशाली इतिहास को दर्शाती हैं। वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं में आ रहे इन सुधारों के माध्यम से आम नागरिकों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण इलाज निश्शुल्क उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार की मंशा है कि विशेषज्ञ सेवाओं का दायरा मेडिकल कॉलेजों से निकलकर जिला स्तरीय अस्पतालों तक पहुंचे ताकि कोई भी मरीज उचित उपचार से वंचित न रहे।

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