उत्तर प्रदेश अब एल्युमिनियम बेवरेज कैन और एडवांस पैकेजिंग मैन्युफैक्चरिंग के एक प्रमुख केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होने के चलते दुनिया की तीन बड़ी पैकेजिंग कंपनियां—बॉल कॉर्पोरेशन, क्राउन होल्डिंग्स और कैनपैक—यहाँ अपने बड़े प्रोजेक्ट्स स्थापित करने की तैयारी कर रही हैं। इन तीन कंपनियों के माध्यम से प्रदेश में कुल 6,566 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जो मेरठ और उन्नाव जैसे औद्योगिक क्षेत्रों की तस्वीर बदल देगा।
इस दिशा में हाल ही में क्राउन होल्डिंग्स और बॉल कॉर्पोरेशन के शीर्ष प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की, जिसमें निवेश को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। राज्य सरकार की औद्योगिक नीति और यूपीडा के माध्यम से दी जा रही सुविधाओं का ही परिणाम है कि ये ग्लोबल कंपनियां प्रदेश में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।
निवेश के विवरण के अनुसार, क्राउन पैकेजिंग इंडिया प्रा. लि. उन्नाव के इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर में 2,078.44 करोड़ रुपये की लागत से अपना पहला ग्रीनफील्ड प्लांट लगा रही है, जिसका भूमिपूजन भी हो चुका है। यह प्लांट सालाना 116.2 करोड़ एल्युमिनियम कैन का उत्पादन करेगा और भविष्य में इसे 178.6 करोड़ कैन तक बढ़ाया जा सकेगा। इस परियोजना से 209 प्रत्यक्ष और 1,500 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। वहीं, बॉल बेवरेज पैकेजिंग इंडिया प्रा. लि. मेरठ में 2,913 करोड़ रुपये के निवेश के साथ एक बड़ी यूनिट स्थापित करेगी। इसके अतिरिक्त, कैनपैक इंडिया भी उन्नाव में 1,574.62 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है, जिसकी उत्पादन क्षमता 130 करोड़ कैन प्रतिवर्ष होने की संभावना है।
ये निवेश केवल कैन उत्पादन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इनके आने से राज्य में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, स्थानीय सप्लायर नेटवर्क और स्किल डेवलपमेंट को भी नई गति मिलेगी। इन बड़े प्लांट्स के इर्द-गिर्द लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और एंसिलरी मैन्युफैक्चरिंग जैसे उद्योगों का एक पूरा इकोसिस्टम विकसित होगा, जिसका सीधा लाभ स्थानीय उद्यमियों और युवाओं को मिलेगा। योगी सरकार का लक्ष्य केवल निवेश प्रस्ताव प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि एक ऐसा औद्योगिक ढांचा तैयार करना है जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करे। 40 एकड़ में फैली परियोजनाएं यह दर्शाती हैं कि उत्तर प्रदेश अब वैश्विक स्तर पर एक पसंदीदा मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन बन गया है।