उत्तर प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को आधुनिक बनाने के लिए सरकार तकनीक का व्यापक उपयोग कर रही है। राज्य में विद्यार्थियों के लिए डिजिटल संसाधनों को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पीएम ई-विद्या प्लेटफॉर्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को पढ़ाई से जुड़ी सभी जरूरी सामग्री अब एक ही स्थान पर निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
एससीईआरटी के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान ने बताया कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का लक्ष्य सीखने के अवसरों को विस्तार देना है। एक ही मंच पर सामग्री मिलने से डिजिटल शिक्षा अधिक समावेशी और प्रभावशाली बन सकेगी। राज्य में बेसिक शिक्षा के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह के अनुसार, सरकार प्रदेश के बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने के लिए डिजिटल संसाधनों के विस्तार को लेकर संकल्पित है। उनका कहना है कि तकनीक का लाभ अधिक से अधिक बच्चों तक पहुँचे, ताकि यह उनके सीखने की प्रक्रिया का एक मजबूत माध्यम बन सके।
स्कूल शिक्षा की महानिदेशक मोनिका रानी ने भी इस दिशा में विभागीय प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल संसाधनों की मुफ्त उपलब्धता से विद्यालयी शिक्षण में नए अवसर खुल रहे हैं और इसका अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के लिए विभाग काम कर रहा है।
पीएम ई-विद्या ऐप की सबसे बड़ी खूबी इसकी सुलभता है। यह ऐप एंड्रॉयड और आईओएस, दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। विद्यार्थी गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से इसे डाउनलोड कर सकते हैं। इसके माध्यम से पढ़ाई से जुड़े आवश्यक डिजिटल संसाधनों तक पहुँच बनाना बहुत सहज हो गया है, जिससे विद्यार्थियों की अलग-अलग माध्यमों पर निर्भरता भी कम होगी। सरकार की इस डिजिटल शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य तकनीक को केवल शिक्षा का एक विकल्प नहीं, बल्कि एक प्रभावी सहयोगी बनाना है। सोशल मीडिया के जरिए भी इस ऐप के बारे में लगातार जानकारी दी जा रही है ताकि शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक इससे जुड़ सकें और डिजिटल शिक्षा को घर-घर तक पहुँचाया जा सके।