उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के दीदारगंज थाना क्षेत्र के चितारा महमूदपुर गांव में एटीएस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। खुफिया जानकारी के आधार पर मोहम्मद नबील नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है, जिसके तार अल-कायदा इन इंडियन सब कॉटीनेट (AQIS) से जुड़े होने का आरोप है। एटीएस की जांच में संदिग्ध गतिविधियों के चौकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी ने सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप के माध्यम से अपना नेटवर्क फैला रखा था। जांच में सामने आया कि वह सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए कोडवर्ड का इस्तेमाल करता था। अपने ग्रुप में जिहाद, चाकू और केमिकल जैसे विषयों को छुपाने के लिए वह 'ट्रिप', 'पेन', 'जूस' और 'प्रोजेक्ट' जैसे शब्दों का सहारा लेता था। एटीएस के अनुसार, आरोपी ने व्हाट्सऐप पर 'ला-गालिब-इल्लल्लाह' नाम से एक ग्रुप बनाया था। उसने इस ग्रुप में अलकायदा से जुड़ी सामग्री साझा की थी, जिसमें अनवर उल अवलाकी की 44 तरीके वाली किताब और अन्य भड़काऊ दस्तावेज शामिल थे। नबील के संदिग्ध संपर्कों की बात करें तो उसके ग्रुप में बांग्लादेश, म्यांमार और सऊदी अरब के लोग भी शामिल थे। एटीएस की पूछताछ और छानबीन से पता चला है कि वह पाकिस्तान, तुर्की और बांग्लादेश जाकर बम बनाने का प्रशिक्षण लेना चाहता था। इसके लिए उसने पोटैशियम नाइट्रेट जुटाने की भी योजना बनाई थी। आरोपी के पास से तकरीर के वीडियो मिले हैं, जिन्हें उसने कथित तौर पर युवाओं को उकसाने के उद्देश्य से साझा किया था। फिलहाल, एटीएस ने भारतीय न्याय संहिता और गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मुकदमा दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।