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इलाहाबाद हाईकोर्ट: जस्टिस डॉ. गौतम चौधरी ने हिंदी में 38,600 से ज्यादा फैसले सुनाकर बनाया रिकॉर्ड

🗺️ उत्तर प्रदेश 📅 14 सितम्बर 2026 · By BolHind Bureau
इलाहाबाद हाईकोर्ट: जस्टिस डॉ. गौतम चौधरी ने हिंदी में 38,600 से ज्यादा फैसले सुनाकर बनाया रिकॉर्ड
Photo: BolHindAI Team द्वारा निर्मित

इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी ने न्यायिक क्षेत्र में एक अनूठी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अब तक 38,600 से अधिक फैसले और आदेश हिंदी भाषा में पारित कर इतिहास रच दिया है। उनका स्पष्ट मानना है कि न्याय केवल कानूनी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि संबंधित व्यक्ति को भी यह पूरी तरह समझ में आना चाहिए कि फैसला क्या है। अपनी मातृभाषा में निर्णयों को सुलभ बनाकर उन्होंने आम नागरिकों के लिए न्याय की पहुंच को और अधिक सरल एवं सार्थक बनाने का प्रयास किया है।

न्यायिक कार्यों में हिंदी के इस व्यापक उपयोग को वे एक जिम्मेदारी के रूप में देखते हैं। जस्टिस डॉ. गौतम चौधरी के अनुसार, हिंदी में विधिक लेखन न केवल भाषा का सम्मान है, बल्कि यह न्याय प्रणाली को और अधिक मानवीय एवं जनोन्मुख बनाता है। उनके इस कार्य से भविष्य के विधि छात्रों, वकीलों और शोधार्थियों के लिए विधिक शब्दावली की एक समृद्ध धरोहर तैयार हो रही है। उल्लेखनीय है कि 10 सितंबर 2024 तक के आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने अपने 5 साल के कार्यकाल के दौरान ही 21,000 से ज्यादा फैसले हिंदी में सुना दिए थे।

न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी का जन्म 9 नवंबर 1964 को हुआ था। उनके दादा श्यामलाल को ब्रिटिश शासन के दौरान राय साहब चौधरी की उपाधि से नवाजा गया था। उनके पिता चौधरी चुन्नीलाल इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता रहने के साथ-साथ राज्यसभा सांसद भी रहे। जस्टिस डॉ. चौधरी ने अपनी शिक्षा इलाहाबाद से पूरी की और 6 मार्च 1993 को बतौर अधिवक्ता कार्य शुरू किया। वे 12 दिसंबर 2019 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति बने और 26 मार्च 2021 को स्थायी जज के रूप में शपथ ली। वे 8 नवंबर 2026 को सेवानिवृत्त होंगे। वर्तमान में वे बलिया जिला अदालत के प्रशासनिक जज के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लगभग एक लाख निर्णयों और आदेशों के अपने व्यापक न्यायिक कार्यकाल में उन्होंने यह साबित कर दिया है कि उच्च स्तरीय कानूनी लेखन हिंदी में पूरी तरह संभव है।

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