सहारनपुर में नकली करेंसी के बाद अब नकली सिक्कों का एक बड़ा खेल सामने आया है। तीतरों क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसी फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है, जहां बड़े पैमाने पर 20 रुपये के नकली सिक्के तैयार किए जा रहे थे। इस मामले में पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने करीब 70 करोड़ रुपये से अधिक के नकली सिक्कों का नेटवर्क तैयार कर रखा था।
आरोपियों के काम करने का तरीका बेहद संगठित था। पुलिस के अनुसार, एक 20 रुपये का सिक्का तैयार करने में लगभग पांच से छह रुपये की लागत आती थी। इसके बाद इस सिक्के को एजेंटों को 12 से 15 रुपये में बेच दिया जाता था और फिर ये सिक्के बाजार में असली मुद्रा के रूप में चल जाते थे। मौके से पुलिस ने छह मशीनें, 6400 तैयार सिक्के, करीब पांच लाख रुपये के अधबने सिक्के और 59 डाई बरामद की हैं। इन मशीनों से रोजाना 12 हजार सिक्के तैयार करने की क्षमता जुटाई गई थी।
इस नेटवर्क के मुख्य आरोपी उपकार लूथरा का नाम वर्ष 2017 में भी दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया था। पुलिस के मुताबिक, उपकार वर्ष 2001 से ही नकली सिक्के बनाने के धंधे में सक्रिय है। गिरोह के कामकाज को आठ लोगों के बीच विभाजित किया गया था, जिसमें मशीन संचालक से लेकर माल खपाने वाले एजेंट तक शामिल थे। पुलिस ने मौके से आठ मोबाइल और सात रजिस्टर भी बरामद किए हैं, जिनके आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। इससे पहले सहारनपुर में 17.29 करोड़ रुपये की नकली करेंसी पकड़े जाने का मामला भी सामने आया था। फिलहाल, पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि इस गिरोह से जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा हो सके।