बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने अपने स्वास्थ्य को लेकर चल रही अफवाहों का खंडन किया है। रविवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और पार्टी से निकाले गए कुछ लोग जानबूझकर भ्रम फैला रहे हैं। मायावती ने बताया कि पिछले कुछ समय से पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए जो कड़े फैसले लिए गए, उन्हीं के कारण यह दुष्प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने इस संदर्भ में अपने भतीजे आकाश आनंद का जिक्र करते हुए कहा कि उनके स्वास्थ्य के बारे में भ्रामक जानकारी फैलाना गंभीर विषय है।
पार्टी की कार्यप्रणाली में बदलाव करते हुए मायावती ने अपने छोटे भाई और पार्टी उपाध्यक्ष आनंद कुमार का कद बढ़ाया है। अब पार्टी के संगठनात्मक कार्यों को तीन सेक्टर में विभाजित किया गया है। सेक्टर एक में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं, जिसकी निगरानी स्वयं मायावती कर रही हैं। शेष राज्यों को बाकी दो सेक्टरों में बांटा गया है, जिनके कामकाज की समीक्षा अब आनंद कुमार करेंगे। आनंद कुमार हर डेढ़ महीने में दिल्ली में इसकी समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। इसके अतिरिक्त, पार्टी ने राज्यों में 'मुख्य सेक्टर प्रभारी' का पद समाप्त कर दिया है।
राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ मायावती ने उत्तर प्रदेश के 58 हजार पंचायत सहायकों की मांगों का भी समर्थन किया है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि आंदोलनरत पंचायत सहायकों के मानदेय और स्थायीकरण जैसी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए।
वैश्विक मुद्दों पर अपनी राय रखते हुए मायावती ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन की प्रशंसा की। उन्होंने 140 पैराग्राफ के दिल्ली घोषणा पत्र को कूटनीतिक उपलब्धि बताया और कहा कि आपसी सहमति से निकला यह परिणाम भविष्य में बेहतर संबंधों के लिए उम्मीद जगाता है। गौरतलब है कि मायावती वर्ष 2010 से सक्रिय राजनीति में अपनी भूमिका निभा रही हैं और उन्होंने अपने 27 वर्षों के लंबे अनुभव के आधार पर पार्टी को नई दिशा देने की कवायद तेज की है।