उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता में फिलहाल विराम लग गया है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों तक प्रदेश भर में कोई प्रभावी वर्षा होने की संभावना कम है। आसमान में छाए बादल अब छंटने लगे हैं, जिससे धूप की आवाजाही बढ़ेगी और लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
राजधानी लखनऊ सहित वाराणसी और राज्य के अन्य हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पिछले 24 घंटों के दौरान हुई मामूली गतिविधियों के बाद अब वातावरण शुष्क रहने के संकेत हैं। वाराणसी के आंकड़ों पर नजर डालें तो वहां अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.2 डिग्री सेल्सियस नीचे है, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.3 डिग्री सेल्सियस कम 24.3 डिग्री सेल्सियस रहा। इस दौरान आर्द्रता का स्तर 72 से 85 प्रतिशत के बीच बना रहा। शुक्रवार रात बाबतपुर में 15 मिमी और कैंट क्षेत्र में 25 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी, लेकिन अब मौसम का तंत्र कमजोर पड़ गया है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी पर बना निम्न दबाव क्षेत्र पश्चिमी दिशा में आगे बढ़कर दक्षिणी छत्तीसगढ़ के ऊपर संकेंद्रित हो गया है। साथ ही, मानसूनी द्रोणी भी अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसक गई है, जिस कारण प्रदेश में फिलहाल वर्षा का कोई सक्रिय तंत्र मौजूद नहीं है। हालांकि, अगले 48 घंटों के बाद बादलों की आवाजाही में आंशिक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी की स्थिति फिर से बन सकती है। फिलहाल, प्रयागराज और अलीगढ़ सहित प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में भी व्यापक बारिश के आसार नहीं हैं और मौसम मुख्य रूप से सामान्य बना रहेगा।