उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य देखभाल, फार्मास्यूटिकल्स और लाइफ साइंसेज के क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने फार्मास्यूटिकल्स और लाइफ साइंसेज के उभरते हुए केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास किया है। इस दिशा में, 23 सदस्यीय एक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और वरिष्ठ मंत्रियों के साथ विस्तृत चर्चा की।
इस उच्च स्तरीय बैठक में इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (IACC), यूएस फॉरेन कमर्शियल सर्विस और यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल (USIBC) के सदस्य शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल में 17 कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इस दौरान उत्तर प्रदेश प्रमोट फार्मा काउंसिल (UPPPC) और IACC के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह साझेदारी निवेश को सुविधाजनक बनाने, तकनीकी हस्तांतरण, R&D और विनिर्माण के साथ-साथ सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के लिए एक व्यवस्थित रूपरेखा तैयार करेगी।
चर्चाओं का मुख्य केंद्र बिंदु स्वास्थ्य देखभाल में मरीजों की पहुंच, नवीन दवाएं, ऑन्कोलॉजी, कार्डियोवैस्कुलर देखभाल, मधुमेह उपचार और उन्नत चिकित्सा प्रौद्योगिकियां रहीं। इसके अलावा, डिजिटल स्वास्थ्य, AI का उपयोग, स्वास्थ्य अवसंरचना, निवेश प्रोत्साहन और व्यापार करने में आसानी जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के साथ बागवानी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी, मुख्यमंत्री के सलाहकार (फार्मा) डॉ. GN सिंह और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। राज्य सरकार के प्रतिनिधियों ने निवेश के अवसरों को रेखांकित किया और औद्योगिक अवसंरचना तथा नीतिगत सहयोग के बारे में जानकारी साझा की। यह संवाद स्वास्थ्य और लाइफ साइंसेज के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर उत्तर प्रदेश की बढ़ती भागीदारी का संकेत है, जिससे राज्य में रोजगार और अनुसंधान के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।