संभल के नखासा थाना क्षेत्र स्थित पीएमश्री विद्यालय में छात्रों को कथित रूप से इस्लामिक प्रार्थना कराने के मामले में निलंबित प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मंगलवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने उनके निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।
न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की अदालत ने स्पष्ट किया है कि 15 दिन में विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबन का आदेश स्थगित रहेगा। प्रधानाध्यापक की ओर से पेश वकीलों ने कोर्ट को बताया कि जिस समय की यह घटना बताई जा रही है, उस दौरान वे चिकित्सा अवकाश पर थे और अस्पताल में भर्ती थे, जिसके चलते उनकी उपस्थिति स्कूल में नहीं थी।
गौरतलब है कि 10 मई 2026 को सोशल मीडिया पर स्कूल की कुछ वीडियो और फोटो वायरल हुए थे, जिसमें छात्राओं को हिजाब और छात्रों को जालीदार टोपी पहने देखा गया था। इसके बाद डीएम, बीएसए और तत्कालीन एसपी ने विद्यालय का निरीक्षण किया था। खंड शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट में प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज पर धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप लगे थे, जिसके आधार पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था।
विभाग ने 3 सितंबर 2026 को प्रधानाध्यापक को आरोप पत्र सौंपा था, जिसके बाद उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाया। विभागीय रिकॉर्ड का हवाला देते हुए सरकारी वकील ने तर्क दिया था कि 14 नवंबर 2025 से पूर्व प्रधानाध्यापक प्रार्थना सभा में शामिल रहे थे। मोहम्मद अंजार अहमद वर्ष 2014 से इस विद्यालय में कार्यरत हैं। अब हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत 15 दिन के भीतर विभागीय जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही तय की जाएगी।