उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता के कारण मौसम का मिजाज बदला हुआ है। राज्य के 44 जिलों में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है, जिसमें हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कुछ स्थानों पर यह गति 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी दर्ज की जा सकती है। 15 सितंबर को जारी इस पूर्वानुमान में किसानों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
वर्षा जनित हालातों के कारण प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ का संकट बना हुआ है, जिससे लगभग 4 लाख की आबादी सीधे तौर पर प्रभावित हुई है। नदियों के बढ़ते जलस्तर ने तटीय इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सिद्धार्थनगर से लेकर लखीमपुर तक ग्रामीण अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने को मजबूर हैं। लखीमपुर में शारदा नदी के कटाव से 24 घंटे के भीतर 7 मकान नदी में समा गए हैं। वहीं, सिद्धार्थनगर में बारिश के दौरान 20 फीट लंबी दीवार ढहने की घटना भी सामने आई है।
सहारनपुर और बदायूं जैसे इलाकों में भी बरसाती नदियों और गंगा के उफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। बदायूं में तो स्थिति ऐसी है कि पुल के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे कई क्षेत्रों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। लखनऊ की बात करें तो वहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड की संभावना के बीच उत्तर प्रदेश के निवासियों को जलभराव वाले क्षेत्रों से सावधान रहने को कहा है।