उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार और एमएसएमई सेक्टर का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में हाल ही में लखनऊ में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस चर्चा में उत्तर प्रदेश सरकार के नवनियुक्त एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी और इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड (IEML) के चेयरमैन डॉ. राकेश कुमार शामिल हुए। यह बैठक राज्य के औद्योगिक भविष्य और निर्यात आधारित उद्योगों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
बैठक का मुख्य केंद्र आगामी यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 रहा। डॉ. राकेश कुमार ने जानकारी दी कि इस ट्रेड शो का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर 2026 तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने रेखांकित किया कि पिछले आयोजनों में 5 लाख से अधिक आगंतुकों और बड़ी संख्या में विदेशी खरीदारों की भागीदारी ने इसे एक वैश्विक पहचान दिलाई है।
डॉ. राकेश कुमार ने राज्य के पारंपरिक हस्तशिल्प, कुटीर उद्योगों और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यदि इन उत्पादों को बेहतर डिजिटल मार्केटिंग और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों का मंच मिले, तो यूपी वैश्विक सोर्सिंग हब बन सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कारीगरों में दुनिया जीतने की अद्भुत क्षमता है, जिसे बस सही दिशा देने की आवश्यकता है।
मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई सेक्टर की भूमिका को सर्वोपरि बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार लघु उद्यमियों और निर्यातकों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि राज्य को “वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी” के लक्ष्य तक पहुँचाया जा सके।
ग्रेटर नोएडा में विकसित हो रहे अंतरराष्ट्रीय बुनियादी ढांचे, जैसे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे नेटवर्क, के कारण यह शहर अब एक बड़े बिजनेस डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि सरकारी नीतियों और उद्योग संगठनों के बीच बेहतर तालमेल से उत्तर प्रदेश के एमएसएमई और निर्यात सेक्टर में एक नई क्रांति आएगी। यह संवाद राज्य के औद्योगिक विकास के लिए एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।