उत्तर प्रदेश के लाखों बुजुर्गों के लिए पेंशन संबंधी नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। योगी सरकार ने अब पेंशन वितरण व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाते हुए नई किस्त जारी कर दी है। पहले जहाँ तीन महीने की कुल 3,000 रुपये की राशि एक साथ दी जाती थी, वहीं अब इसे 1500 और 1500 रुपये की दो बराबर किस्तों में सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजा जा रहा है। 2026 के दूसरे सप्ताह से राज्य के विभिन्न जिलों में यह राशि DBT के माध्यम से ट्रांसफर की जा रही है।
यदि आप भी उन बुजुर्गों में से हैं जिन्हें अब तक पेंशन की राशि नहीं मिली है, तो चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। अक्सर छोटी तकनीकी खामियों के कारण भुगतान अटक जाता है। पेंशन न मिलने का सबसे मुख्य कारण ई-केवाईसी (e-KYC) का अधूरा होना है। फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार ने बायोमीट्रिक या ओटीपी के जरिए इसे अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा, यदि आपका बैंक खाता आधार से सीडेड (linked) नहीं है या खाते में NPCI मैपिंग सक्रिय नहीं है, तो भी पैसा आने में समस्या हो सकती है।
समस्या के समाधान के लिए सबसे पहले यूपी समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट (sspy-up.gov.in) पर जाकर अपना स्टेटस चेक करें। यदि वहां कोई त्रुटि दिखती है, तो उसे तुरंत सुधारें। यदि ई-केवाईसी पेंडिंग है, तो आप अपने मोबाइल या नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर 5 मिनट में बायोमीट्रिक के जरिए इसे पूरा कर सकते हैं। इसके बाद अपनी बैंक शाखा में जाकर यह सुनिश्चित करें कि आपका खाता Aadhaar Seeded और DBT Enabled है।
इन प्रक्रियाओं के बाद भी यदि धनराशि प्राप्त नहीं होती है, तो आप अपने जिले के 'जिला समाज कल्याण अधिकारी' के कार्यालय में जाकर आवेदन दे सकते हैं। वहां अपने आधार कार्ड, बैंक पासबुक और पेंशन रजिस्ट्रेशन नंबर की फोटोकॉपी ले जाना न भूलें। किसी भी प्रकार की सहायता के लिए आप सरकार के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14567 या मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर कॉल कर सकते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र बुजुर्गों की पेंशन बंद नहीं होगी। सभी जरूरी दस्तावेज और केवाईसी अपडेट कराने के बाद पुरानी रुकी हुई किस्त और नई किस्त दोनों एक साथ जारी कर दी जाएंगी।