उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। राज्य सरकार ने प्रदेश के 14,429 प्राइमरी स्कूलों को स्मार्ट स्कूलों के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना से जुड़ी कैबिनेट प्रस्ताव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मंजूरी मिल गई है। इस पूरी कवायद का मकसद सरकारी शिक्षा प्रणाली को आधुनिक और बेहतर बनाना है।
इस योजना के लिए सरकार ने 300 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। राज्य के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने जानकारी देते हुए बताया कि चयनित स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक स्कूल को 2.07 रुपये दिए जाने का प्रावधान है। इन स्मार्ट स्कूलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ-साथ ICT लैब की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इन संसाधनों के माध्यम से शिक्षक आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का उपयोग कर सकेंगे, जिससे सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और बच्चों को डिजिटल युग के अनुकूल शिक्षा मिल सकेगी।
सरकार का मानना है कि बुनियादी ढांचे में यह बदलाव शिक्षा के विस्तार और उसे नई दिशा देने में काफी प्रभावी साबित होगा। स्कूलों में तकनीकी सुविधाएं होने से पढ़ाई का माहौल बदलेगा और छात्रों के सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकेगी। शिक्षा विभाग की ओर से इस योजना के क्रियान्वयन की तैयारी शुरू कर दी गई है, ताकि निर्धारित स्कूलों में जल्द से जल्द ये सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।