प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर में आई तेज गिरावट के बाद बाढ़ का संकट अब पूरी तरह टल गया है। गुरुवार शाम 4 बजे तक दोनों नदियों का जलस्तर 80 मीटर के निशान से नीचे आ गया है, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों ने बड़ी राहत की सांस ली है। जलस्तर घटने के साथ ही रिवर फ्रंट रोड से भी पानी हट गया है, जिसे प्रशासन ने अब आम आवागमन के लिए पुनः खोल दिया है।
नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, नैनी में यमुना का जलस्तर 79.59 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें पिछले 4 घंटे के दौरान 7 सेंटीमीटर की कमी देखी गई है। इसी तरह फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 80.85 मीटर रहा और इसमें 4 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई। छतनाग में गंगा का जलस्तर 79.17 मीटर रहा, जो कि 8 सेंटीमीटर कम हुआ है। वहीं, STP बक्शी बांध पर जलस्तर 79.87 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें 7 सेंटीमीटर की कमी आई है। इन क्षेत्रों में बारिश शून्य दर्ज की गई, जो स्थिति को सामान्य बनाने में मददगार रही है।
पानी उतरने के बाद अब प्रशासन का पूरा ध्यान घाटों और आसपास के इलाकों को स्वच्छ बनाने पर है। बाढ़ का पानी अपने साथ काफी मात्रा में मिट्टी, कीचड़ और गंदगी छोड़ गया है, जिसे साफ करने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। रिवर फ्रंट रोड पर भी जमा कीचड़ को हटाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि राहगीरों को आवाजाही में परेशानी न हो। सभी सुरक्षात्मक बांध पूरी तरह सुरक्षित हैं और प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है। जलस्तर में आई इस निरंतर गिरावट से अब शहर में बाढ़ की स्थिति सामान्य हो गई है और जनजीवन धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है।