प्रयागराज में TGT-PGT भर्ती प्रक्रिया को लेकर प्रतियोगी छात्रों का असंतोष बढ़ता जा रहा है। अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को 14वें दिन भी जारी रहा। इस प्रदर्शन में लगभग 200 छात्रों ने हिस्सा लिया और धरना स्थल पर नारेबाजी की।
छात्रों की प्रमुख मांगों में TGT-PGT भर्ती में पुरानी नियमावली और परीक्षा पैटर्न को पुनः लागू करना शामिल है। उनका कहना है कि यदि उन्हें पुरानी नियमावली के तहत 2 अवसर दे दिए जाएं, तो वे अपना आंदोलन वापस ले लेंगे। इसके अलावा, छात्रों ने परीक्षा से माइनस मार्किंग और GS को हटाने, एकल विषय को शामिल करने और प्राथमिक शिक्षक की बहाली की मांग की है। छात्रों का आरोप है कि पिछले 10 वर्षों से सरकारी नौकरी देने के वादे पूरे नहीं किए गए हैं।
आंदोलन के दौरान स्थिति तब और गंभीर हो गई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने आत्मदाह की चेतावनी दी, जिसके चलते शिक्षा निदेशालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। ज्ञात हो कि बीते गुरुवार को छात्रों का एक बड़ा समूह सिविल लाइंस से शिक्षा निदेशालय पहुँचा था और उन्होंने अपर निदेशक कामता राम पाल को ज्ञापन सौंपा था। उस दौरान अधिकारियों ने छात्रों की मांगों को उच्च स्तर पर पहुँचाने का आश्वासन दिया था, लेकिन छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे।
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