उत्तर प्रदेश के शिक्षित युवाओं के बीच प्रशासनिक अधिकारी बनने का आकर्षण लगातार गहरा होता जा रहा है। इसका प्रमाण उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित होने वाली PCS-2026 परीक्षा के लिए प्राप्त आवेदनों की रिकॉर्ड संख्या है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, करीब 500 पदों पर भर्ती के लिए 8.90 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। यह संख्या पिछले वर्ष यानी PCS-2025 के 6,26,387 आवेदनों की तुलना में 42.1% अधिक है। एक ही साल में आवेदनों में हुआ 2.64 लाख का यह इजाफा पिछले एक दशक में सबसे बड़ी वृद्धि है।
विशेषज्ञों के अनुसार, केवल एक सरकारी नौकरी हासिल करना ही इसका एकमात्र कारण नहीं है। राज्य के युवाओं के लिए PCS पद न केवल रोजगार सुरक्षा और निश्चित आय सुनिश्चित करता है, बल्कि यह पद प्रतिष्ठा, प्रशासनिक अधिकार और सामाजिक पहचान का एक बड़ा जरिया भी माना जाता है। GB Pant Social Science Institute की डॉ. अर्चना सिंह का मानना है कि इस पद से मिलने वाली सामाजिक स्वीकार्यता परिवारों के लिए बहुत मायने रखती है।
प्रयागराज स्थित Bureau of Psychology, UP के मनोवैज्ञानिक डॉ. राजकुमार राय के मुताबिक, करियर की ये आकांक्षाएं अक्सर पारिवारिक और सामाजिक अपेक्षाओं से जुड़ी होती हैं। उन्होंने बताया कि कई युवाओं के लिए एक सरकारी पद स्थिरता और उपलब्धि का प्रतीक है। हालांकि, जब परीक्षा के साथ परिवार की उम्मीदें जुड़ जाती हैं, तो तैयारी का दबाव भी बढ़ जाता है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी है कि वे अपने लक्ष्य को यथार्थवादी रखें और मानसिक तनाव से बचने के लिए उचित मार्गदर्शन प्राप्त करें।
आंकड़ों पर गौर करें तो 2018 में यह संख्या 6.35 लाख थी, जो 2019 में 5.45 लाख, 2020 में 5.95 लाख, 2021 में 6.91 लाख, 2022 में 6.03 लाख, 2023 में 5.65 लाख और 2024 में 5.74 लाख रही। वर्तमान में PCS-2026 की प्रारंभिक परीक्षा 6 दिसंबर को प्रस्तावित है। आयोग नियमित रूप से भर्ती प्रक्रिया संचालित कर रहा है, जिसके बावजूद आवेदकों की भीड़ यह दर्शाती है कि प्रशासनिक सेवा में करियर की भूख अभी भी चरम पर है। PCS-2025 की प्रक्रिया भी वर्तमान में साक्षात्कार के चरण में है, जिसमें 2,297 उम्मीदवार 812 पदों के लिए चुने गए हैं।