आगरा जिले के एक लाख से अधिक एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए गैस सिलेंडर की बुकिंग अब एक बड़ी चुनौती बन गई है। ई-केवाईसी की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद, उन उपभोक्ताओं की आपूर्ति रोक दी गई है जिन्होंने अभी तक अपनी बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी नहीं की थी। अब ये उपभोक्ता न तो ऑनलाइन और न ही ऑफलाइन माध्यम से गैस सिलेंडर बुक कर पा रहे हैं।
तेल कंपनियों की ओर से वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और फर्जी कनेक्शनों की पहचान करने के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया गया था। बार-बार दी गई चेतावनियों के बावजूद, जिले के करीब एक लाख से अधिक उपभोक्ता इस प्रक्रिया को पूरा नहीं कर सके। इसका परिणाम यह हुआ है कि अब इन खातों को होल्ड पर डाल दिया गया है, जिससे उन्हें रिफिल मिलना बंद हो गया है। गैस एजेंसियों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जब तक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी अनवेरिफाइड खाते में गैस सिलेंडर जारी न किया जाए।
हालाँकि विभाग ने ई-केवाईसी की अंतिम तिथि को आगे नहीं बढ़ाया है, लेकिन परेशान होने के बजाय उपभोक्ता अब भी अपना कनेक्शन सक्रिय करवा सकते हैं। जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार के अनुसार, उपभोक्ता सीधे अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर आधार कार्ड के साथ बायोमेट्रिक सत्यापन करा सकते हैं। ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी होते ही उनके खाते की होल्ड स्थिति समाप्त हो जाएगी और वे फिर से सिलेंडर की बुकिंग करने के पात्र हो जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि जिले में कुल 13.5 लाख एलपीजी उपभोक्ता पंजीकृत हैं, जिनमें इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के ग्राहक शामिल हैं। ई-केवाईसी न करा पाने के पीछे एजेंसियों पर अत्यधिक भीड़, तकनीकी खामियों और आमजन द्वारा समय रहते इस कार्य को पूरा न करने जैसे कारण सामने आए हैं। प्रभावित उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे तत्काल अपनी गैस एजेंसी से संपर्क करें ताकि उन्हें भविष्य में गैस आपूर्ति में कोई समस्या न हो।