बुलंदशहर में उत्तर प्रदेश बिजली एम्प्लॉईज यूनियन का वार्षिक सम्मेलन लाल झंडा कार्यालय के सभागार में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता चौधरी देवपाल सिंह ने की, जिसमें संगठन की भावी रणनीति और कर्मचारियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन के दौरान सर्वसम्मति से राजेश भास्कर को जोनल अध्यक्ष और प्रदीप सागर को जोनल महासचिव के पद पर चुना गया।
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में केंद्र और राज्य सरकारें पूंजीपतियों के प्रभाव में कार्य कर रही हैं, जिससे बिजली व्यवस्था का निजीकरण करने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली कानून में प्रस्तावित संशोधनों का विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक निजीकरण का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता।
बैठक में स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों के सामने आ रही चुनौतियों को भी प्रमुखता से रखा गया। वक्ताओं ने कहा कि उपभोक्ताओं की संख्या में वृद्धि के बावजूद संविदा कर्मियों को हटाना लाइनों की मरम्मत और आपूर्ति व्यवस्था के लिए नुकसानदेह साबित हो रहा है। इसके अलावा, फेसिअल अटेंडेंस प्रणाली से कर्मचारियों को होने वाली परेशानी, संसाधनों का अभाव और जर्जर होती लाइनों व मशीनों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं पर भी गहरी चिंता जताई गई।
सम्मेलन में नई जोनल कार्यकारिणी का भी गठन किया गया, जिसमें 31 सदस्यीय जोनल कमेटी के साथ 25 सदस्यीय कार्यकारिणी चुनी गई। नई टीम में देवपाल सिंह को अध्यक्ष, बलवीर सिंह को उपाध्यक्ष, सुधीर कुमार तेवतिया को महासचिव, प्रदीप सागर व प्रवेश कुमार गौतम को संयुक्त सचिव, वीर बहादुर सिंह को संगठन सचिव और इन्द्रपाल सिंह को कोषाध्यक्ष के रूप में चुना गया है। संगठन ने इन मुद्दों को लेकर भविष्य में अपने संघर्ष को जारी रखने का संकल्प दोहराया है।