सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के करेंसी चेस्ट से लगभग 17 करोड़ रुपये की जाली मुद्रा मिलने का मामला सामने आया है। इस गंभीर प्रकरण की जांच के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। पुलिस की जांच का दायरा अब पड़ोसी जिलों के साथ-साथ हरियाणा और उत्तराखंड तक भी फैल गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बैंक की ओर से पहले ही तीन अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। पीएनबी मेरठ के मुख्य प्रबंधक और नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे की शिकायत पर इन तीन अधिकारियों और एक पार्ट-टाइम हाउसकीपर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, दर्ज प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 178 (मुद्रा का कूटकरण), 316 (आपराधिक विश्वासघात) और 318 (धोखाधड़ी) का उपयोग किया गया है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, मामले का खुलासा तब हुआ जब सहारनपुर की घंटाघर शाखा से जयपुर स्थित आरबीआई करेंसी चेस्ट में भेजी गई नकदी में कमी पाई गई। इसके बाद 9 अगस्त से शुरू हुए विस्तृत ऑडिट में जाली नोटों के होने का पता चला। ऑडिट के दौरान एक हजार रुपये मूल्य के 500 नोटों वाले कुल 148 बंडल नकली पाए गए। शुरुआत में इनकी कीमत 7.40 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर यह आंकड़ा बढ़कर करीब 17 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। सीसीटीवी फुटेज में भी एक कर्मचारी द्वारा करेंसी चेस्ट के भीतर नोटों के बंडल से छेड़छाड़ करते हुए देखे जाने की जानकारी मिली है। फिलहाल बैंक अपने स्तर पर विभागीय जांच कर रहा है, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) भी मामले की समानांतर पड़ताल में जुटा हुआ है। सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक सिंह ने पुष्टि की है कि बैंक की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।