गाजीपुर में गंगा नदी का रौद्र रूप एक बार फिर प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। मंगलवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 63.260 मीटर दर्ज किया गया, जो 63.105 मीटर के निर्धारित खतरा बिंदु से 15 सेंटीमीटर ऊपर है। राहत की बात केवल यह है कि अभी यह जलस्तर 2025 के उच्चतम स्तर से 1.43 मीटर नीचे बना हुआ है।
फिलहाल, नदी का पानी करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। पानी के इस लगातार बढ़ते स्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट मोड अपना लिया है। निचले इलाकों में रहने वाले निवासियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे नदी के तटवर्ती और जलभराव वाले संभावित क्षेत्रों में जाने से बचें।
प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही है। गंगा का सामान्य जलस्तर 59.906 मीटर है, जबकि चेतावनी बिंदु 62.100 मीटर तय किया गया है। वर्तमान में जिस गति से पानी बढ़ रहा है, उसे देखते हुए तटवर्ती गांवों में राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों को भी तेज करने की जरूरत महसूस की जा रही है। अधिकारियों का ध्यान मुख्य रूप से उन निचले इलाकों पर है जहां पानी के फैलने की आशंका सबसे अधिक है। स्थानीय लोग भी बढ़ते जलस्तर को देखकर डरे हुए हैं और स्थिति पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बदलते हालातों की निगरानी में कोई ढिलाई न बरती जाए ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति का सामना समय रहते किया जा सके।