कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में मानसून की सक्रियता के चलते जनजीवन पर खासा असर पड़ा है। मंगलवार सुबह से ही शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में रुक-रुककर हो रही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले तीन दिनों से जारी मानसूनी गतिविधियों के कारण निचले इलाकों में जलभराव की समस्या देखी जा रही है, जिससे सड़कों के धंसने और पुराने जर्जर मकानों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आई हैं।
मौसम विभाग के जानकारों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण बादलों का डेरा बना रहेगा। अगले पांच दिनों तक शहर में घने बादल छाए रहने और रुक-रुककर बूंदाबांदी होने का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इस मौसम के कारण धूप न निकलने से हवा में उमस बनी हुई है, जो लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 3.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि बादलों की निरंतर मौजूदगी के चलते न्यूनतम तापमान में 0.2 डिग्री की मामूली बढ़ोतरी हुई है। नमी का स्तर भी काफी अधिक बना हुआ है। सोमवार दोपहर को हवा में आर्द्रता 71 प्रतिशत से बढ़कर 91 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, जिससे उमस भरी ठंडक का अहसास हुआ। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले दो-तीन दिनों तक मौसम का मिजाज इसी प्रकार बना रह सकता है। स्थानीय लोगों को बारिश और जलभराव को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।