मेरठ में आवास विकास परिषद की ओर से की जा रही कार्रवाई के विरोध में बुधवार को मेरठ बचाओ संयुक्त संघर्ष समिति द्वारा बंद और महापंचायत का आह्वान किया गया है। इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए समिति के पदाधिकारियों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान चलाया और लोगों से समर्थन मांगा। आंदोलन को लेकर स्थिति थोड़ी असमंजस वाली बनी हुई है क्योंकि कई बड़े व्यापार संघों ने बंद से अपने कदम पीछे खींच लिए हैं।
संघर्ष समिति के अनुसार, इस बंद का असर मुख्य रूप से शास्त्रीनगर, जागृति विहार और माधवपुरम जैसे इलाकों में देखने को मिल सकता है। समिति के प्रतिनिधियों का दावा है कि इस प्रदर्शन को 100 से अधिक बाजारों और संगठनों का समर्थन प्राप्त है। नर्सिंग होम एसोसिएशन ने भी इस बंदी का समर्थन किया है, जिसके चलते ओपीडी और रेडियोलॉजी सेंटर बंद रहेंगे, हालांकि इमरजेंसी सेवाएं पहले की तरह संचालित रहेंगी। वहीं दूसरी ओर, दवा व्यापारियों के संगठन ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी दुकानें बंद नहीं रखेंगे।
शास्त्रीनगर की गुरुद्वारा रोड पर प्रस्तावित महापंचायत को लेकर मंगलवार देर रात पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क पर टेंट लगाकर रास्ता बाधित नहीं किया जाएगा। इसके बाद संघर्ष समिति के सदस्यों ने सड़क के किनारे धरना दिया। समिति का कहना है कि यह किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आम जनता का आंदोलन है।
इस मामले को लेकर व्यापारियों और विभिन्न संगठनों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया है। जहां कुछ प्रमुख बाजार इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं, वहीं व्यापारिक संघों की दूरी ने बंद की सफलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि शहर में शांति और व्यवस्था बनी रहे।