उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की 14 वर्ष की बेटियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष प्रदेशव्यापी अभियान शुरू करने जा रही है। 3 से 17 सितंबर तक चलने वाले इस 15 दिवसीय एचपीवी (ह्यूमन पैपैन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान के तहत प्रदेश भर में 10 लाख किशोरियों को गार्डासिल वैक्सीन की एकल डोज दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी 75 जिलों में तैयारियां पूरी कर ली हैं।
इस टीकाकरण के लिए 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकीं और 15 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं को पात्र माना गया है। इससे पहले भी प्रदेश में फरवरी से अब तक 18 लाख किशोरियों का टीकाकरण किया जा चुका है, और अब इस विशेष अभियान के माध्यम से बची हुई पात्र बालिकाओं को कवर किया जाएगा। टीकाकरण प्रक्रिया की डिजिटल निगरानी यू-विन (U-WIN) पोर्टल के जरिए की जाएगी।
अभियान के दौरान सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में टीके लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर छुट्टियों के दिनों में भी सत्र जारी रहेंगे।
टीकाकरण पूरी तरह से स्वैच्छिक रखा गया है और इसके लिए अभिभावकों की सहमति अनिवार्य होगी। अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों का टीकाकरण जरूर कराएं। लाभार्थियों को सलाह दी गई है कि वे खाली पेट केंद्र पर न आएं और टीका लगवाने के बाद 30 मिनट तक निगरानी में रहें। किसी भी संभावित दुष्प्रभाव से निपटने के लिए सभी टीकाकरण केंद्रों पर एईएफआई (AEFI) किट की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जमीनी स्तर पर जागरूकता फैलाने के लिए स्कूलों के शिक्षकों के साथ-साथ आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद ली जाएगी, जो घर-घर जाकर इस अभियान की जानकारी साझा करेंगी।