आउटसोर्सिंग के जरिए काम कर रहे कर्मियों की सेवा सुरक्षा और उनके श्रम को सम्मान देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार एक नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। लखनऊ में आज उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीसीओएस) का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुभारंभ किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से राज्य में आउटसोर्स मानव संसाधन प्रबंधन का डिजिटल एकीकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
इस नई व्यवस्था के तहत यूपीसीओएस का पोर्टल और वेबसाइट भी लॉन्च की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसे 'नए उत्तर प्रदेश' की पहचान बताते हुए कहा कि तकनीक के उपयोग से व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और प्रत्येक कार्मिक के काम को उचित सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी मिल सकेगी। सरकार का लक्ष्य है कि हर आउटसोर्स कर्मी को न्यूनतम मानदेय सुनिश्चित हो और उन्हें सभी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्थाओं का लाभ मिले। इसके लिए बजट में पहले ही आवश्यक धनराशि का प्रावधान कर दिया गया है।
सरकार आंगनवाड़ी, आशा वर्कर, रसोइया, ग्राम चौकीदार और कोटेदार जैसे विभिन्न वर्गों के मानदेय में वृद्धि और प्रोत्साहन के लिए भी विशेष प्रयास कर रही है। इससे पहले अगस्त माह में परिवहन निगम में कार्यरत आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया था। इस वृद्धि से कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार कम टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर जैसे पदों पर कार्यरत सैकड़ों कर्मियों को सीधा लाभ मिला है। उदाहरण के तौर पर, कंप्यूटर ऑपरेटरों का मानदेय 20,655 रुपये से बढ़कर 21,420 रुपये तक हो गया है। इसी तरह अन्य श्रेणियों में भी वरिष्ठता के आधार पर मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। इस नई निगम की स्थापना से आने वाले समय में आउटसोर्सिंग से जुड़े कार्मिकों के कार्य प्रबंधन में और अधिक स्पष्टता और सुगमता आने की उम्मीद है।