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उत्तर प्रदेश में नई निजी यूनिवर्सिटी खोलने के लिए प्रोत्साहन नीति जारी, निवेश पर मिलेगी सब्सिडी

🗺️ उत्तर प्रदेश 📅 2 सितम्बर 2026 · By BolHind Bureau
उत्तर प्रदेश में नई निजी यूनिवर्सिटी खोलने के लिए प्रोत्साहन नीति जारी, निवेश पर मिलेगी सब्सिडी
Photo: BolHindAI Team द्वारा निर्मित

उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार और निजी निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से नई शिक्षा नीति लागू की गई है। अक्टूबर 2024 में उत्तर प्रदेश कैबिनेट द्वारा अनुमोदित इस नीति का मुख्य लक्ष्य राज्य में नई निजी यूनिवर्सिटी स्थापित करने वाली प्रायोजक संस्थाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस नीति के तहत उन जिलों में विश्वविद्यालय खोलने पर विशेष जोर दिया गया है जहां अभी निजी उच्च शिक्षा संस्थानों की कमी है।

इस ढांचे के अंतर्गत शैक्षणिक इमारतों, क्लासरूम, लाइब्रेरी, लैब और छात्र हॉस्टल जैसी बुनियादी सुविधाओं के निर्माण के लिए पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार ने इसे 'मल्टीडिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी' (MERU) मॉडल के रूप में पेश किया है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है।

पात्रता और प्रोत्साहन की बात करें तो, जो संस्थाएं आकांक्षी जिलों में अपना पहला MERU स्थापित करेंगी, उन्हें अधिक लाभ मिलेगा। इन जिलों में निवेश का 20 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी के रूप में दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 50 करोड़ रुपये है। इसी प्रकार, विदेशी शैक्षणिक संस्थानों को राज्य में कैंपस खोलने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु 100 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान रखा गया है। इसके साथ ही, शीर्ष क्रम की भारतीय यूनिवर्सिटीज को भी नई इकाई स्थापित करने पर सहायता दी जाएगी।

यह सब्सिडी पांच वर्षों की अवधि में वार्षिक किस्तों में जारी की जाएगी। हालांकि, नीति के तहत मिलने वाली यह छूट केवल बुनियादी ढांचे के विकास के लिए है। किसी भी विश्वविद्यालय को कानूनी दर्जा देने के लिए यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन और अन्य सक्षम निकायों की स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार का मानना है कि इस नीति से न केवल शोध और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने की मजबूरी से भी छुटकारा मिलेगा। आवेदकों को सलाह दी गई है कि वे निर्माण शुरू करने से पहले संबंधित जिला श्रेणी और नीति की वर्तमान स्थिति के बारे में उच्च शिक्षा विभाग से पुष्टि अवश्य कर लें ताकि पात्रता सुनिश्चित की जा सके।

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