उत्तर प्रदेश में तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने एक नई पहल की है। प्रयागराज में पिछले साल आयोजित हुए महाकुंभ के दौरान 3.52 लाख श्रद्धालुओं से लिए गए सर्वेक्षण के आधार पर, अब अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी को एक एकल पर्यटन सर्किट के रूप में 'स्पिरिचुअल ट्रायंगल' के तौर पर पेश किया जा रहा है।
राज्य पर्यटन विभाग के अनुसार, सर्वेक्षण में सामने आया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच यात्रा करने के इच्छुक हैं। अयोध्या को सबसे अधिक 22.55% प्रतिभागियों ने अपनी पसंदीदा जगह बताया, जबकि प्रयागराज का संगम और वाराणसी भी सूची में प्रमुखता से शामिल रहे। इस नए टूर पैकेज का उद्देश्य तीर्थयात्रियों को एक सरल और सुनियोजित यात्रा अनुभव प्रदान करना है, ताकि वे इन शहरों में अधिक समय बिता सकें और स्थानीय स्तर पर परिवहन, आवास व अन्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
'विजिट माय स्टेट' अभियान के तहत तैयार इस पैकेज की शुरुआत वाराणसी से होती है और यह चार दिनों में तीनों शहरों को कवर करता है। पहले और दूसरे दिन वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर, सारण और गंगा आरती जैसे प्रमुख स्थलों का दर्शन कराया जाता है। तीसरे दिन यात्री प्रयागराज के संगम और आनंद भवन का भ्रमण करते हैं। यात्रा का समापन चौथे दिन अयोध्या में होता है, जहाँ राम मंदिर सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों और सरयू आरती को शामिल किया गया है।
इस सुविधा के लिए प्रति व्यक्ति 14,400 रुपये (सेडान कार) और 13,000 रुपये (इनोवा क्रिस्टा) का शुल्क निर्धारित है, जिसमें चार यात्रियों का न्यूनतम समूह होना आवश्यक है। इसमें वातानुकूलित परिवहन, होटल में रहने की व्यवस्था, नाश्ता और गाइड की सुविधा भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, रेलवे भी इसी तरह का एक छह दिवसीय पैकेज 'होली ट्रायंगल ऑफ यूपी' नाम से चला रहा है, जो सिकंदराबाद से शुरू होता है और इसमें एसी ट्रेन यात्रा, होटल और भोजन की सुविधा उपलब्ध है। वर्ष 2026 की पहली तिमाही में ही इन तीनों शहरों में 31.37 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया है, जो इस सर्किट की उपयोगिता को दर्शाता है।