उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में संक्रमण की चपेट में आए मरीजों की संख्या बढ़कर 685 हो गई है। इसी क्रम में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह भी इंफ्लुएंजा एच1एन1 पॉजिटिव पाए गए हैं। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मंत्री ने खुद को क्वारंटाइन कर लिया है और चिकित्सकों द्वारा दिए गए स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य में स्वाइन फ्लू के सबसे अधिक मामले एनसीआर के जिलों गौतमबुद्ध नगर, मेरठ और गाजियाबाद से सामने आ रहे हैं। मौसमी बदलाव के बीच सामने आए इन मामलों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अस्पतालों में फीवर ओपीडी और पर्याप्त बेड की व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक आधिकारिक रूप से किसी भी मौत की पुष्टि नहीं की है और सभी संदिग्ध मौतों का डेथ ऑडिट कराया जा रहा है।
राजधानी लखनऊ की बात करें तो यहाँ अब तक संक्रमित मरीजों की संख्या 21 तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एच1एन1 से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की आवश्यकता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों से यह वायरस फैलता है, इसलिए भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें और स्वच्छता का ध्यान रखें।
वहीं, निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी केंद्रों में जांच के नाम पर हो रही मनमानी वसूली पर भी लगाम लगाई गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने निजी लैब संचालकों के साथ बैठक कर आरटीपीसीआर जांच की अधिकतम दर 3000 रुपये तय कर दी है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति बुखार, सर्दी-जुकाम या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों का अनुभव करता है, तो उसे सीधे डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। किसी भी आपात स्थिति के लिए सीएमओ कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर 0522-2622080 पर संपर्क किया जा सकता है। सरकार ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।