वाराणसी में सार्वजनिक परिवहन को और अधिक सुगम एवं आधुनिक बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। शहर की यातायात व्यवस्था को नई रफ्तार देते हुए जल्द ही 250 नई इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी। बसों की संख्या में होने वाली इस वृद्धि से यात्रियों का लंबा इंतजार अब खत्म हो जाएगा। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नई बसों के शामिल होने के बाद यात्रियों को शहर के विभिन्न रूटों पर हर 3 से 5 मिनट के अंतराल में बस की सुविधा उपलब्ध होगी।
क्षेत्रीय प्रबंधक के अनुसार, वाराणसी सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के बेड़े में 150 छोटी (28 सीटर) और 100 बड़ी (38 सीटर) बसें शामिल की जाएंगी। वर्तमान में 28 सीटर 50 इलेक्ट्रिक बसें पहले से ही संचालित हैं, जिनके साथ मिलकर कुल इलेक्ट्रिक बसों की संख्या करीब 300 तक पहुँच जाएगी। इन नई बसों की सबसे बड़ी खासियत इनकी कार्यक्षमता है। एक बार फुल चार्ज होने पर ये बसें 250 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकेंगी, जो वर्तमान में चल रही बसों की 115 किलोमीटर की क्षमता के मुकाबले कहीं अधिक है। इससे लंबी दूरी और ग्रामीण क्षेत्रों के रूटों पर भी बसों का संचालन आसान हो जाएगा।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए ये सभी बसें वातानुकूलित होंगी और इनमें पैनिक बटन, सीसीटीवी कैमरे तथा जीपीएस जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद रहेंगी। बसों के रखरखाव और चार्जिंग के लिए कड़सड़ा और वीरापट्टी में 5-5 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है, जहाँ आधुनिक वर्कशॉप और चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा सारनाथ, परेड कोठी और मड़वा में भी आपातकालीन चार्जिंग की व्यवस्था रहेगी। 250 इलेक्ट्रिक बसों के इस प्रस्ताव को कैबिनेट से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। यह पहल न केवल पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को सुलभ यात्रा का विकल्प देगी, बल्कि डीजल आधारित वाहनों की निर्भरता कम कर प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मददगार साबित होगी।