उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में पुलिस द्वारा हाल ही में किए गए एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ चर्चा का विषय बन गया है। मामला तब और गंभीर हो गया जब जेल में बंद आरोपी महिलाओं की स्वास्थ्य जांच रिपोर्ट सामने आई। जांच में सेक्स रैकेट की मुख्य सरगना एचआईवी पॉजिटिव पाई गई है, जिसके बाद से स्थानीय स्वास्थ्य महकमे से लेकर प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस ने नगर कोतवाली क्षेत्र के पैसार स्थित सिद्धार्थनगर मोहल्ले में एक चार मंजिला मकान पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान तीन महिलाओं और एक युवक को हिरासत में लिया गया था। जिला कारागार में बंद इन बंदियों के स्वास्थ्य की स्थिति जानने के लिए जेल प्रशासन ने जिला क्षयरोग अधिकारी को पत्र लिखकर जांच में सहयोग मांगा था।
आईसीटीसी फतेहपुर की टीम ने 24 से 27 अगस्त तक जेल में शिविर लगाकर बंदियों की एचआईवी, टीबी, सिफलिस और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों की जांच की। इस प्रक्रिया के दौरान कुल 26 मरीजों की पिछली रिपोर्ट का भी संदर्भ लिया गया, जो वर्ष 2019 में चर्चा में रही थी। वर्तमान जांच में चार टीबी के मरीज मिले हैं, जबकि सेक्स रैकेट की मुखिया के एचआईवी संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।
महिला के संक्रमित पाए जाने के बाद से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। फिलहाल, महिला की काउंसलिंग की जा रही है ताकि उसके संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान गुप्त रखते हुए उनकी जांच कराई जा सके। संक्रमित महिला को इलाज के लिए लखनऊ के मेडिकल कॉलेज स्थित एआरटी सेंटर से लिंक कराया गया है, जहाँ उसका उपचार शुरू हो चुका है।
यह घटना शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रशासन का पूरा ध्यान अब उन लोगों को खोजने पर है जो कथित तौर पर इस महिला के संपर्क में आए थे। स्वास्थ्य विभाग इस मामले को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है।