मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (MVDA) ने छाता में एक नई टाउनशिप विकसित करने की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। यह प्रस्तावित टाउनशिप 117 हेक्टेयर के क्षेत्रफल में फैलेगी। प्राधिकरण की मंशा है कि इसी साल के अंत तक इस बड़ी आवासीय परियोजना को लॉन्च किया जाए। लैंड पूलिंग के तहत विकसित की जाने वाली यह परियोजना 18 साल बाद MVDA की प्रमुख आवासीय योजनाओं में शुमार होगी।
इस नई टाउनशिप की लोकेशन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग के बेहद करीब स्थित है। यहां रहने वाले लोगों को आवासीय और व्यावसायिक भूखंडों के साथ-साथ कई अन्य आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। योजना के तहत स्कूल, कॉलेज, ग्रुप हाउसिंग, अस्पताल, होटल, सुपर मार्केट और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी बुनियादी संरचनाएं विकसित की जाएंगी। कोकिलावन शनिधाम, बरसाना और नंदगांव जैसे प्रसिद्ध धार्मिक व पर्यटन स्थलों के निकट होने के कारण इस क्षेत्र का महत्व और अधिक बढ़ेगा।
विकास प्राधिकरण ने अपने विस्तार की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को वृंदावन स्थित गीता शोध संस्थान में आयोजित MVDA की 110वीं बोर्ड बैठक में 93 नए गांवों को प्राधिकरण की सीमा में शामिल करने के प्रस्ताव पर सहमति बनी। अब यह प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा, जिसके बाद इन क्षेत्रों में नियोजित विकास और भूमि उपयोग के नियमों का क्रियान्वयन शुरू हो सकेगा।
प्राधिकरण की सीमा बढ़ने से नियोजन क्षेत्र का दायरा व्यापक होगा। इसमें मथुरा और गोवर्धन तहसील के कई गांव शामिल हैं। बैठक में मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने भू-उपयोग से संबंधित अन्य विकास प्रस्तावों का पुन: परीक्षण करने के भी निर्देश दिए हैं। सितंबर 2024 में शुरू हुई इस आवासीय योजना की प्रक्रिया के बाद अब स्थानीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। शासन से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद इन 93 गांवों को अपनी एक नई पहचान और सुनियोजित विकास का लाभ मिलेगा।